Happy Holi Wishes – 2024 में 24 और 25 मार्च यानि शनिवार और रविवार को होली है| 24 मार्च को होलिका देहेन होगा और 25 को रंगों का त्यौहार| होली रंगों का त्यौहार है यह भारत का बहुत ही फेमस फेस्टिवल है जो आज पुरे विश्व में भी मनाया जाने लगा है| ऐसा माना जाता है कि होली के दिन लोग पुरानी दुशमनी भूल कर एक दुसरे को गले लगाते हैं|
होली के इस अवसर पर
हम सबसे मिलते हैं
दिल से दिल मिलाकर के
खुशियों के रंग भरते हैंHoli ke es avsar par, ham sabse milte hai, dil se dil mila kar ke, khusiyo ke rang bharte hai…

रंगो की मस्ती
गुजियों की मिठास
होली का त्योहार आया है
आज कुछ खासRango ki Masti, Gujiyo ki Mithas, Holi ka Tyohar aaya hai, Aaj Kuch Khas...
Top 20 Happy Holi Wishes

रंगो का उत्सव
दिल की बात
होली की खुशियां सबके साथRango ka Utsav, Dil Ki Baat, Holi ki Khushiya Sabke sath…

रंग बरसे पूरी बस्ती में
हम सब झूमे होली की मस्ती मेंRang Barse Poori Basti me, Hum Sab Jhoome Holi ki Masti me…
रंगो की बौछार
दिल की उमंग
होली के त्योहार में
सबका अनोखा संगRango ki Bauchaar, Dil ki Umang, Holi ke Tyohar me, Sabka Anokha Sang…
रंगो की बोली
दिल की कहानी
होली का रंग चढ़े
हर दिल में नई कहानीRango ki Boli, Dil ki Kahani, Holi ka Rang Chadhe, Har dil me Nayi Kahani…

रंगो की रात हो
दिल की कोई बात हो
होली का त्योहार हो
और प्यार हमारे साथ हो।Rango ki Raat ho, Dil ki Koi baat ho, Holi ka Tyohaar ho or Pyaar humare sath ho…
रंग बरसते हैं
दिल से दिल मिलते हैं
होली की खुशियों में
साथ साथ चलते हैंRang Baraste hai, Dil se Dil Milte Hai, Holi ki Khushiyo mein, Sath-Sath Chalte hai…
रंगो की बोली
दिल की कहानी
हर दिल में बसी है
होली की कहानीRango ki boli, Dil ki kahani, Har dil me Basi hai, Holi ki Kahani...
रंगो की बोली
खुशियों के गीत
होली का त्योहार है
सबके लिए मीतRango ki Boli, Khushiyo ke Geet, Holi ka Tyohaar hai, Sabke Liye Meet…
होली का त्योहार है बड़ा प्यारा
रंगो से भरी जिंदगी, खुशियों का सहाराHoli ka Tyohar hai bada pyaara, Rango se Bhari Zindgi, Khushiyo ka Sahara…

रंगो का त्योहार है होली
खुशियों की बौछार है होलीRango ka Tyohaar hai Holi, Khushiyo ki Bauchaar hai Holi…
होली के रंगों में खो जाओ
दुनिया से रंगीन हो जाओHoli ke Rango me Kho jaao, Duniya se Rangeen ho Jaao…

रंगो का त्योहार है
मनाओ सब भूल के
ये खुशियों की बहार हैRango ka Tyohaar hai, Manao sab bhool ke, Ye Khushiyo ki Bahaar hai…
रंगो की इस बहार में, होली का त्योहार मनाते हैं
खुशियों के रंग बिखेरते हैं, दुनिया को रंगीन बनाते हैं।Rango ki is Bahaar me, Holi Ka Tyohaar Manaate hai, Khushiyo ke Rang Bikherte hai, Duniya ko Rangeen Banaate hai…
होली के ये अदभुद रंग
दिलो को मिलाते हैं
ऐसा ये पावन पर्व
दुश्मन भी गले से लगाते हैं।Holi ke ye Adbhud Rang, Dilo ko Milate hai, Aisa ye Paawan Parv, Dushman bhi Gale se Lagate hai…

रंगो की इस भरमार में
खुशियों के रंग बिखेरने चलोRango ki is Bharmar mein, Khushiyo ke Rang Bikherne Chalo…
हर रंग अलग कहानी सुनाता है
हर गीत नए सपने सजाता है
होली का त्योहार है ये
दिल से दिल को मिलाता है।Har Rang Alag Kahani Sunata hai, Har Geet Naye Sapne Sajata hai, Holi ka Tyohar hai ye, Dil se Dil ko Milata hai…
होली के रंग और दोस्ती की मिठास
ये त्योहार है हर दिल की आसHoli ke Rang or Dosti ki Mithas, Ye Tyohaar Hai Har dil ki Aas…

खुशियों का रंग
प्यार की बौछार
होली के त्योहार में
सबको मिले प्यार।Khushiyo ka Rang, Pyaar ki Bauchaar, Holi ke Tyohar me, Sabko mile Pyaar…
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होली के रंग अनंत
होली भारतीय काल गणना यानि विक्रमी संवत का अंतिम त्यौहार है। फाल्गुनी पूर्णिमा को प्रज्ज्वलित होने वाली होली की आग को नव संस्येष्टी यज्ञ भी कहा जाता है। नव संस्येष्टी यानि नई फसल पर किया जाने वाला यज्ञ। इस समय गेहूं, जौ व चने इत्यादि नवान्न की बालियों को होम करते हुए चारो ओर अग्नि की परिक्रमा की जाती है। चने के अधभुने दाने को संस्कृत में ‘होलक’ तथा हिंदी में ‘होला’ कहा जाता है। इन्ही होलों को होली की आग में भून कर प्रसाद रूप में खाने का विधान है। अर्थात होली प्रभु को नई फसल के प्रसाद के अर्पण का त्यौहार है।
होली के विविध रूपों की बात करें तो यह त्यौहार अनेक विचित्रताएं लिए हुए दिखता है। जहां इस त्यौहार की शुरुआत में होलिका दहन यानि नव संस्येष्टी यज्ञ के द्वारा अग्नि को सभी कुछ समर्पण कर इदन्नमम का भाव जाग्रत होता है तो वहीं इसके समापन में दुश्मन को भी गले लगा लेने का भाव है। जिस प्रकार अग्नि हर कूड़ा-करकट व गंदगी को स्वाह कर वातावरण में ऊष्मा व ताजगी भर देती है, उसी प्रकार होली का त्यौहार आपसी मनमुटाव व राग-द्वेष भुला कर एक रंग करने में सहायक होता है।
विभिन्न लोग भी इस दिन गले लग कर ‘बुरा न मानो होली है’ की मुबारकबाद देते हैं। यह त्यौहार रंग व उल्लास के साथ प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। होली के साथ जुड़ी हिरण्य कश्यप व प्रहलाद की कहानी में हिरण्य कश्यप की बहन होलिका यानि अग्नि है। वह सिर्फ अशुभ को जला सकती है, शुद्ध तो उसमें निखर जाता है। यही कारण था कि आग की गोद में बैठा प्रह्लाद अनजला बच गया। पहले अपने मन का कचरा यथा बुरे विचार जलाओ और उसके बाद प्रेम रंग की बरसात करो, यही है होली का मूल मंत्र।
चाहे चित्रकारिता हो या पत्रकारिता, थियेटर हो या फिल्में, संगीत हो या नृत्य, कहानी हो या कविता, होली के बिना सब अधूरे हैं। 60 व 70 के दशक में तो आधी से अधिक फिल्में किसी न किसी रूप में होली को ले ही आती थी। अलग-अलग दौरे में अलग-अलग तौर-तरीके देखने में आए। भाषा, प्रांत व लोक संस्कृति के अनुसार होली मनाने के तरीके बदलते रहे किंतु भाव एक रहा, मस्ती में खोकर एकाकार हो जाना।

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